Diesel Cars vs Electric Cars

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                Diesel Cars vs Electric Cars

         

Electric cars vs Diesel cars
 
डीजल और पेट्रोल के दाम की बात की जाय तो आप सभी को पता है इनका दाम बढ़ता ही जा रहा है ऐसे में किसी भी व्यक्ति को भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार या बाइक में इन्वेस्ट करना चाहिए । कोई भी व्यक्ति अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कार लेने में खर्च करता है ऐसे में उसे ऐसी कार में इन्वेस्ट करना चाहिए जिसका आगे चलकर खर्च न बड़े न तो उसे सर्विस में ज्यादा खर्च करने की जरूरत पड़े न तो उसे किसी पुर्जे की चिंता करना पड़े। ऐसे में सबसे अच्छा विकल्प आता है इलैक्ट्रिक कार का। डीजल या पेट्रोल इंजन उसमें डाले गए ऑयल को जलाकर ऊर्जा देता है जबकि Electric cars में मोटर पहियों में ही लगा होता है और उसे चेसिस में लगी बैटरी द्वारा गति दी जाती है उसमे कोई भी इंजन नहीं रहता जिससे किसी भी प्रकार की आवाज या कंपन्न भी उत्पन्न नहीं होता। Electric cars में बैटरी और डीसी मोटर की गति को नियंत्रित करने हेतु दोनों के मध्य एक्सीलरेटर के नाम पर बैटरी के करेंट को कंट्रोल करने वाला बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगा होता है। यदि आप अभी कोई भी कार लेना चाहते हैं तो आप पहले Electric cars के बारे में जरूर जान लें।
 
 
 
 
Electric car vs Diesel car
 
यहां  हम टाटा नेक्सॉन ई वी का मुकाबला करने वाले हैं टाटा हैरियर  के डीजल वर्जन से कर रहे हैं और यहां जो भी डेटा हम लेंगे वो दिल्ली शहर के एक नार्मल व्यक्ति जो डेली का 100 किलोमीटर का सफर तय करता है उसे ध्यान में रखकर ले रहे हैं। डीजल का दाम अभी 81.47 रूपए प्रति लीटर दिल्ली में चल रहा है और हैरियर का माइलेज 17 किलोमीटर प्रति लीटर दिया गया है यदि हम रोज के 100 किलोमीटर का हिसाब देखें तो 6 लीटर डीज़ल मतलब लगभग 500 रूपए जिससे आपका रोज का खर्चा हुआ 500 रूपए।
 
महीने में आने वाला हैरियर का खर्च =500*30=15000 रूपए
साल में आने वाला खर्च =15000*12=1,80,000 रूपए
5 सालों का टोटल खर्च =1,80,000*5=9,00,000 रूपए
 
इसके अलावा सर्विस कराने की प्रति वर्ष 10,000 रूपए मान कर चलिए तो पांच सालों का 50,000 रुपए होता है।
 
टोटल खर्चा 9,50,000 रुपए
 
बात करें टाटा नेक्सॉन में आने वाली बिजली की खपत में खर्च की। इसमें 30.2 किलोवॉट घंटे की बैटरी मिलती है जिसकी रेंज 250 किलोमीटर बताई गई है और प्रति यूनिट बिजली की दर 7  रूपए है तब मतलब इसे फुल चार्ज करने के लिए हमें लगभग 210 रूपए खर्च करने होंगे। 210 रूपए में आप 250 किलोमीटर आराम से जा सकते हैं जहाँ हैरियर  में आपको 500 रूपए खर्च करने होंगे वहीं नेक्सॉन में 100 रूपए से भी कम खर्चा होगा। यदि आपकी कार का टायर फट जाता है तो आप सीधा उसी डीलरशिप से कम्प्लेन कर सकते हैं जहां से आपने कार खरीदी है। यदि आप इसका टॉप मॉडल में कोई सा भी रंग लेते हैं तो आपको सनरूफ भी मिलती है इसके टॉप मॉडल की कीमत 17,30,000 रूपए है। बात करें वारंटी की तो कंपनी 8 साल या 160000 किलोमीटर की वारंटी देती है।
 
महीने में आने वाला नेक्सॉन ई वी का खर्च =100*30=3000 रूपए
साल में आने वाला खर्च =3000*12=36,000 रूपए
5 सालों का टोटल खर्च =36,000*5=1,80,000 रूपए
 
टाटा हैरियर के सबसे बेस मॉडल की कीमत 14 लाख रूपए और आर टी ओ और इन्सुरेंस व अन्य खर्च मिलाकर ऑन रोड आपको यह कार 16 लाख 50 हजार के आसपास पड़ेगी।
 
टाटा हैरियर की कीमत =16,50,000 रुपए
पांच वर्षों का खर्च = 9,50,000 रुपए
टोटल हो गया =26,00,000 रुपए
 
Electric car vs Diesel car
 
 
वहीं हम बात करें टाटा नेक्सॉन ई वी की जिसकी शुरूआती कीमत 14 लाख रूपए है और आर टी ओ , इन्सुरेंस व अन्य खर्च मिलाकर यह कार आपको 14 लाख 80 हजार रूपए के आस पास पड़ती है क्यूंकि हर राज्य सरकार अपने राज्य में किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदने पर आपको कुछ छूट देती है जिससे जो आर टी ओ चार्ज आपको हैरियर में 1,82,000 रूपए लग रहा था वही आपको नेक्सॉन में मात्र 7000 रूपए लगेगा।
 
टाटा नेक्सॉन ई वी की कीमत = 14,80,000 रुपए
अन्य खर्च = 1,80,000 रुपए
टोटल हो गया = 16,60,000 रुपए
 
इलैक्ट्रिक कार से हमारा वातावरण काफी साफ होगा क्योंकि इससे किसी भी प्रकार का वायु प्रदूषण या ध्वनि प्रदूषण नहीं होता है। लेकिन जैसे कि हर चीज के कुछ फायदे होते हैं तो कुछ नुकसान या परेशानियां भी होती हैं तो अब इलैक्ट्रिक कार लेने के बाद आने वाली परेशानियों की बात करते हैं-
 

शहर से बाहर जाने में डर

सबसे बड़ी समस्या है इसके चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन का न होना यदि आप दिल्ली जैसे शहर में रहते हैं तो आप जब तक शहर के अंदर हैं तब तक तो शायद ही किसी प्रकार की समस्या आए। अभी इलैक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियों ने अपने चार्जिंग स्टेशन हर जगह नहीं फैलाए हैं इसीलिए ऐसी समस्या आ सकती है।
 

Electric Cars Charging Time । चार्जिंग के दौरान लगने वाला समय

वैसे तो टाटा नेक्सॉन में फास्ट चार्जिंग भी मिलती है लेकिन पता नहीं जब आपको जरूरत हो तब आपको फास्ट चार्जिंग प्वाइंट मिलेगा या नहीं और नॉर्मल चार्ज करने के लिए इसे 8 से 9 घंटे का समय लगता है यह भी एक समस्या हो सकती है।
 

Electric cars Battery Problem । बैटरी की समस्या 

वैसे तो इनकी बैटरी खराब नही होती है लेकिन यदि खराब हुई तो ये सही नही होती सीधा बदलना पड़ता है जिसमें आपको 4 से 5 लाख रुपए तक खर्च करना पड़ सकता है।
 

Electric cars long drive problem । लम्बे सफर में दिक्कत

इलैक्ट्रिक कारों में फिलहाल तो आप लंबा सफर नहीं कर सकते क्योंकि इनकी रेंज 250 किलोमीटर के आस पास ही होती है मतलब यदि आप 8 घंटे चार्ज करते हैं तो आप सिर्फ 250 किलोमीटर तक ही सफर कर पाएंगे।
 
 

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